सोने चांदी के हॉलमार्किंग चार्ज बढे, जानिए पूरी डिटेल्स

अगर आप सोने और चांदी से बने गहनों के शौकीन हैं तो आपके लिए एक बुरी खबर है क्योंकि अब से सोने और चांदी के आभूषणों की हॉलमार्किंग कराने में और भी पैसे खर्च होंगे क्योंकि मोदी प्रशासन की बदौलत सोने-चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग महंगी हो गई है और अब आपको हॉलमार्किंग के लिए प्रत्येक आइटम के लिए 10 रुपये का भुगतान करना होगा.

4 मार्च, 2022 की एक अधिसूचना में, भारतीय मानक ब्यूरो ने सोने के आभूषणों और कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग शुल्क 35 रुपये से बढ़ाकर 45 रुपये प्रति आइटम कर दिया और चांदी के आभूषणों और कलाकृतियों की हॉलमार्किंग की कीमत भी 25 रुपये से बढ़कर 35 रुपये प्रति पीस हो गई है.

Increase charge on hallmarking of gold and silver

हॉलमार्किंग के यह हैं नियम : थोड़ी राहत की बात यह है कि सोने और चांदी के आभूषणों के साथ साथ कलाकृतियों की हॉलमार्किंग के लिए मिनिमम कन्साइनमेंट फीस में बढ़ोतरी नहीं हुई है. हॉलमार्किंग पर कितना खर्च आएगा, इसपर सोने के गहनों के वजन का कोई मतलब नहीं है. हॉलमार्किंग नियमों की शुरुआत 2018 में भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा की गई थी और तब से सोने और चांदी की वस्तुओं की हॉलमार्किंग की कीमत में पहली बार बदलाव हुआ है।

कुंदन, पोल्की, गोल्ड पर भी हॉलमार्क : इसके अलावा सरकार ने सोने के गहनों की आवश्यक हॉलमार्किंग 1 जून, 2022 से लागू कर दी है और सोने के आभूषणों के खरीदारों को इसके बारे में जरूर पता होना चाहिए. साथ ही यह भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हॉलमार्किंग का दायरा सरकार द्वारा बढ़ाया जा सकता है. सीएनबीसी-आवाज के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार 12 महीनों में कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ ज्वैलरी पर भी हॉलमार्किंग करवा सकती है और इसे अनिवार्य भी कर सकती है।

सरकार बदलेगी यह नियम : सरकार ने यह भी गाइडलाइन ज़ारी की है कि यह नियम सभी Hallmark Unique Identification के निर्माता, रिटेलर और होलसेलर विक्रेता के लिए जरूरी होगी. साथ ही आपको बता दें कि कुंदन ज्वैलरी पर अभी हॉलमार्किंग लागू नहीं है, जिसमे खासकर कुंदन, पोल्की और जड़ाऊ ज्वैलरी आते हैं. लेकिन सरकार की नजर अब इन एक्सेसरीज को भी हॉलमार्किंग के दायरे में लाने का है.

यह भी पढ़े –

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *