सूखी तोरई बिक रही है हज़ारो में, जानिए कैसे करे इसका व्यापर शुरू

प्राकृतिक लूफा, इसे प्राकृतिक तरीके से बनाया जाता है जिसका इस्तेमाल कई लोग करते हैं। हमारे यहां के बाजारों में यह उपलब्ध कराया जाता है। लूफे को बनाने के लिए तोरई या खसखस के फाइबर  का इस्तेमाल किया जाता है, यह इको-फ्रेंडली लूफा आपको बाजारों में आसानी से मिल जाएगा । हालांकि, जदातर लोग तोरई से बने हुए लूफा का उपयोग ज्यादा मात्रा में करते हैं

आप सभी जानते होंगे कि पोषणयुक्त तोरई का इस्तेमाल सब्जी या जूस के लिए किया जाता है लेकिन आजकल के जमाने में इसका इस्तेमाल भारी मात्रा में नहाने के लिए लूफा और बर्तन धोने के स्क्रब के रूप में किया जा रहा है

Dry Luffa is being sold in thousands know how to start its business

बाजार में लूफा का बढ़ता उपयोग ऐसे एक व्यापार की श्रेणी में ले जा रहा है यहां तक की ऑस्ट्रेलिया की अमेज़ॉन वेबसाइट पर तोरई से बने लूफा की कीमत हज़ारों में बताई जा रही है और यह एक अच्छा अवसर है मुनाफा कमाने का क्योंकि इस व्यापार में  अधिक निवेश करने की आवश्यकता नहीं है  और  विदेश में अपना व्यापार  फैलानी का यह एक अच्छा अवसर है

विदेशों में लूफा अभी-अभी प्रचलित हुआ है परंतु भारत में यह बहुत पहले से प्रचलित है हमारे देश के लोगों के लिए यह उतना ही पुराना है जितना कि तोरई आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जैव विज्ञान के अनुसार ,तोरई का रिश्ता ‘खीरा परिवार’ से है और इनके जींस को लूफा‘ कहा जाता है

और यही कारण है जिसकी वजह से इससे बनने वाले  वस्तु को लूफा कहते हैं आज के जमाने में तोरई मानव जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है हालांकि यह कितने समय से हमारे साथ है इसके ऊपर टिप्पणी देना काफी मुश्किल काम है

परंतु विज्ञान के लिए यह ज्यादा मुश्किल काम नहीं है यहां तक की वैज्ञानिकों  ने इसके ऊपर  रिसर्च करके यह बताया है की हजारों साल पहले  इसकी उत्पत्ति  एशिया या अफ्रीका मैं हुई थी उसके बाद इसकी खेती भारत में शुरू की गई और धीरे-धीरे है यूरोप के लोगों के बीच प्रचलित हो गई

यह भी पढ़े –

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *