ताम्रपाषाण काल के स्रोत के बारे में सामान्य जानकारी

ताम्रपाषाण काल के स्रोत

ताम्रपाषाण काल के स्रोत के बारे में सामान्य जानकारी निम्नलिखित है

ताम्रपाषाण काल के स्रोत

(1) इनामगांव– इनामगांव भी महाराष्ट्र के पुणे के पूर्व में लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ए ताम्रपाषाणकालीन स्थल है। यहां चूल्हों। अनाज के रूप में राजस्व प्राप्त करने के लिए कठोर व्यवस्था थी सहित बड़े-बड़े कच्ची मिट्टी के मकान तथा गोलाकार गड्ढों वाले मकान मिले हैं।

(2) चंदोली – महाराष्ट्र के पुणे के नजदीक उत्तर की ओर भीमा नदी की सहायक घोड़ नदी पर स्थित है यह प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन स्थल है यहां से तांबे की एक छेनी प्राप्त हुई है।

(3) दैमाबाद- महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में परवरा नदी के बाएं किनारे स्थित एक ताम्रपाषाणकालीन स्थल है। यहां के लोग कृषि  कार्य के साथ-साथ पशुपालन भी करते थे। गाय भैंस बकरी भेड़ और सूअर के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं। यहां से सवाल्दा , उतर-हडप्पा, मालवा संस्कृति के अवशेष प्राप्त हुए हैं।

(4) जोर्वे- जोर्वे भी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित है एक प्रमुख ताम्रपाषाणकालीन स्थल है जो जोर्वे मृदभांडों के नाम से जाना जाता है

(5) प्रकाश- महाराष्ट्र के धुलिया जिले में स्थित एक ताम्रपाषाणकालीन स्थल है। प्रकाश भी जोर्वे संस्कृति से जुड़ा हुआ एक स्थल था यहां से नवपाषाण काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं

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Virendra Kumar Sharma

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