गणतंत्र दिवस पर भाषण (speech on Republic day)

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर भाषण के बारे में विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है

आदरणीय प्रिंसिपल सर, गांव से पधारे हुए ग्रामीण-सज्जनों एवं विद्वान गुरुजनों तथा मेरे साथ पढ़ने वाले सहपाठी भाई और बहनों आप सभी को मेरा नमस्कार।

गणतंत्र दिवस पर भाषण

मैं आप सभी का हार्दिक अभिनन्दन करता हूँ। मेरा नाम…..है. मैं कक्षा… में अध्ययन करता हूं। आज हम सभी “गणतंत्र दिवस” मनाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं। हमारे देश में यह 26 जनवरी के दिन मनाया जाता है। आज हम 73 वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं। इस अवसर पर मैं एक भाषण प्रस्तुत कर रहा हूँ। भारत में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए भारतीय संविधान सभा ने 1949 में इसे अपनाया था और 26 जनवरी 1950 में इसे लागू करके भारत एक लोकतांत्रिक देश बन गया था। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 26 जनवरी को हुई थी। इसलिए गणतंत्र दिवस की स्थापना 26 जनवरी के दिन की गई थी। हमारा देश इसके साथ ही विश्व के सबसे बड़े प्रजातंत्र देश बन गया था।

गणतंत्र का अर्थ है- देश में सभी देशवासियों के लिए समान व्यवस्था और कानून स्थापित करना। हमारे देश में सभी धर्मों को, संप्रदायों को समान अधिकार और स्थान दिया गया है। हम सभी के लिए 26 जनवरी एक गौरव पूर्ण दिन है। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों से आजाद हुआ था। हमारे देश में राष्ट्रपति सर्वोच्च शासक होता है। सभी भारतवासी 26 जनवरी का दिन बहुत ही खुशी और उल्लास से मनाते हैं। इसी दिन लॉर्ड माउंटबेटन को हटाकर 26 जनवरी 1950 को डॉ राजेंद्र प्रसाद को हमारे देश का राष्ट्रपति बनाया गया था। इस दिन दिल्ली में राष्ट्रपति की राजकीय सवारी निकाली जाती है। भारत की तीनों सेना – नौ सेना, थल सेना और वायु सेना की टुकड़ी यहाँ मार्च करती है और लाल किले पहुंचती है। इस दिन सार्वजनिक समारोह में तरह तरह की झांकियां दिखाई जाती हैं जो लोगों का मनोरंजन करती हैं।

26 जनवरी के दिन शाम को नई दिल्ली में आतिशबाजी होती है आसमान में चारो तरफ रंगारंग आतिशबाजी होती है। राष्ट्रपति भवन को दुल्हन की तरह सजाया जाता है। 26 जनवरी के दिन देश के सभी गांव और शहरों में स्कूल कॉलेजों में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं। हमारे शिक्षक के इस दिन के महत्व के बारे में बताते हैं। हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सभी देशवासियों को एकजुटता और आपसी प्रेमभाव से रहने की सलाह देते हैं। भारत में अनेकता में एकता पाई जाती है। देश में सभी धर्मों के लोग पूजा कर सकते हैं। अपने धर्मो का पालन कर सकते हैं। किसी पर कोई भी पाबंदी नहीं है। सभी को पूरी तरह स्वतंत्रता प्राप्त है। इस दिन स्कूल कॉलेज में मिठाइयां बांटी जाती हैं। बच्चों को 26 जनवरी के महत्व के बारे में बताया जाता है। हमारे शिक्षक इस दिन के बारे में बताते है।

डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, वल्लभ भाई पटेल, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद और पंडित जवाहरलाल नेहरू को संविधान सभा का सदस्य बनाया गया था। संविधान सभा ने ही हमारे देश का कानून बनाया है। संविधान निर्माण में कुल 22 समितियों ने योगदान दिया है। डॉ अंबेडकर ने 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में भारत का संविधान बनाया है। 26 जनवरी के दिन देश की राजधानी नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है। सभी लोग बड़े सम्मान के साथ खड़े होकर राष्ट्रगान का सम्मान करते हैं। दिल्ली में बहुत से भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक एक भव्य परेड निकाली जाती है।

रेजिमेंट, नौसेना, वायु सेना के सैनिक इसमें हिस्सा लेते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय कैडेट कोर के बच्चे भी इसमें प्रतिभाग करते हैं। हमारे देश के प्रधानमंत्री इंडिया गेट पर स्थित “अमर जवान ज्योति” पर पुष्प माला डालकर शहीद सैनिकों का सम्मान करते हैं। सभी शहीद सैनिकों की याद में 2 मिनट का मौन रखा जाता है। हमारे देश को स्वतंत्र करने में बहुत से लोगों ने बलिदान दिया है। अनेक देशभक्तों ने अपनी जान न्योछावर कर दी। प्रधानमंत्री सभी का आभार प्रकट करते हैं। दिल्ली में होने वाली परेड में विभिन्न राज्यों की झांकियां लगती है। सभी राज्यों की लोकगीत और कला का प्रदर्शन किया जाता है।

जय हिन्द, जय भारत

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