पुरापाषाण काल के स्रोत  के बारे में विस्तृत जानकारी

पुरापाषाण काल के स्रोत 

पुरापाषाण काल के स्रोत के बारे में विस्तृत जानकारी निम्नलिखित हैं 

पुरापाषाणकालीन स्रोत के बारे में विस्तृत जानकारी

(1) टेरी स्थल – टेरी स्थल नामक स्रोत तमिलनाडु राज्य में स्थित है। यहां से कई सैकड़ों  वर्षों पुराने पुरापाषाण कालीन एवं मध्य पाषाणकालीन औजार प्राप्त हुए हैं जो पुरापाषाणकाल की पहचान कराने में सहायक सिद्धू हुए है

(2) पल्लवरम -यह स्थल तमिलनाडु राज्य के चेन्नई जिले में स्थित है पल्लवरम चेन्नई से 17 किलोमीटर दूर है यह स्थल मद्रास संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है

(3) अतिरंपक्कम -यह स्थल तमिलनाडु राज्य के चेन्नई जिले में स्थित है यहां से प्राचीन मानव के द्वारा प्रयोग की जाने वाली पत्थर की कुल्हाड़ी प्राप्त हुई है यह कुल्हाड़ी और अन्य पत्थर के औजार  लगभग 1500000 वर्ष पुराने मिले हैं।

(4) -रेनीगुंटा- यह स्थल वर्तमान में आंध्र प्रदेश राज्य के चित्तूर जिले में स्थित है यहां उच्च पुरापाषाण काल से संबंधित संस्कृति पाई गई है और यहां से पुरापाषाणकाल से संबंधित कई भाषण उपकरण भी मिले हैं

(5) पटने- महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में स्थित एक गांव है यहां से पुरापाषाण काल की कला का एक नमूना प्राप्त हुआ है यह नमूना एक शुतुरमुर्ग का अंडा है जिसमें रेखा चित्र बने हुए है।

(6) बोरी- महाराष्ट्र राज्य में मुंबई के निकट स्थित एक कस्बा है यहां से कुछ वर्ष पूर्व मानव उपस्थित के प्रारंभिक साक्ष्य मिले हैं इन साक्ष्यों के आधार पर भारत में मानव की उपस्थिति का आकलन 14 वर्ष पूर्व तक पहुंच जाता है।

(7) नेवासा – यह स्थल वर्तमान में महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले में स्थित है यह मध्य पूरापाषाणकालीन पत्थर उपकरण का एक प्रारूप माना जाता है । 

(8) भीमबेटका-इस स्थल का पहले नाम भीमबैठका था वर्तमान में यह भोपाल से 35 किलोमीटर दक्षिणी मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है यह देश की शैल चित्रकारी का सबसे बड़ा खजाना है

(9) चौंतरा एक पुरापाषाणकालीन स्थल है जो सोहन संस्कृति से संबंधित है यह हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित है यहां से पुरापाषाणकालीन औजार प्राप्त हुए हैं

(10) सोहन घाटी एक निम्न पुरापाषाणकालीन स्थल है यहां से कई ऐसे पत्थर के औजार मिले हैं जो निम्न पुरापाषाणकाल से संबंधित है वर्तमान में यह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित है सोन घाटी सोहन पुरापाषाण संस्कृति से जुड़ी हुई है

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