मां बनने के बारे में जानकारी और इनसे जुड़ी हुई कठिनाइयों

मां बनने के बारे में

मां बनने के बारे में विस्तृत जानकारी निम्नलिखित है

– दुनिया में मां बनना सबसे कठिन कामों में से एक है

– पुरी दुनिया मे करीब 2 अरब माँ है।मां बनने के बारे में जानकारी और इनसे जुड़ी हुई

– हर साल मई के दूसरे रविवार मदर्स डे मनाया जाता है

– दुनिया के 94 देशों में मदर्स डे मई के दूसरे रविवार को ही मनाया जाता है मगर कई देशों में यह अलग अलग समय पर मनाया जाता है

– पढ़ी लिखी महिलाओ की तुलना मे कम पढ़ी लिखी महिला ज्यादा बच्चे जन्म देती है।

-अपने पहले बच्चे की देखभाल के लिए भारत की करीब 30% माताऐ नौकरी छोड़ देती है जबकि 20% अपनी पुरी करियर ही छोड़ देती है।

मां बनने के बारे में

– दुनिया मे माँ बनने की औसत आयु 26.3 वर्ष है।

– हर हफ्ते माँ औसतन 14 घंटे केवल खाना बनाने मे बीता देती है।

– हर 90 सेकंड मे एक महिला की मौत माँ बनते समय होती है।

– अमेरिका मे 40% महिलाऐ शादी से पहले ही माँ बनती है।

– बच्चे को जन्म देते समय माँ को एक साथ 20 हड्डियाँ टूटने के बराबर दर्द होता है

– नाइजर का शिशु जन्मदर सबसे आगे है यहाँ की महिलाएँ औसतन 7 बच्चो को जन्म देती है जो दुनिया मे सबसे ज्यादा है।

– माँ बनने वाली सबसे छोटी महिला की लंबाई मात्र 2 फुट 4 इंच थी।

– सबसे कम उम्र मे माँ बनने का रिकार्ड पेरु की लीना मेडीना के नाम है जो 1939 मे 5 साल 7 महीने और 21 दिन पर बनी थी।

– सबसे ज्यादा उम्र मे (72 साल मेँ) बच्चे पैदा करने वाली महिला ओँकारी पवार थी।

– सबसे ज्यादा बच्चे पैदा करने का रिकार्ड रुस की महिला के नाम है जिसने 69 बच्चो को जन्म दिया।

– 2 बच्चो के जन्म के बीच सबसे कम समय का रिकार्ड है 6 महीने 10 दिन का है।

– मदर्स डे पर करीब 68% लोग अपनी मां को फोन करते हैं

– हर हफ्ते औसतन 14 घंटे मां हमारे लिए खाना बनाने में बिता देती है

– क्रिसमस डे के बाद मदर्स डे पर ही सबसे अधिक फूल और पौधे खरीदे जाते हैं

– मां जितने घरेलू काम करती है अगर उसे किसी और से कराया जाए तो हर साल करीब 4200000 रुपए देने पड़ेंगे

– दुनिया भर में हर सेकंड 4 बच्चे जन्म लेते हैं

– मां को उपहार देने के लिए बेटियां करीब ₹14000 खर्च करती है जबकि बेटे केवल 9000

– पहला मदर्स डे 10 मई 1908 को मनाया गया था

– Facebook पर करीब 48% यूज़र अपनी मां के साथ फ्रेंड है

– मदर्स डे दुनिया में तीसरी सबसे पॉपुलर छुट्टी का दिन है

– दुनिया के अधिकतर भाषाओं में मां का उच्चारण अंग्रेजी के ‘M’ अक्षर से ही शुरू होता है

– हथिनी धरती पर सबसे बड़े बच्चे को जन्म देती है

 

मां पर अनमोल विचार-

– माँ भले ही पढ़ी-लिखी हो या न हो पर दुनिया का दुर्लभ व महत्वपूर्ण ज्ञान हमे माँ से ही प्राप्त होता हैं

– भगवान हर जगह नही हो सकते इसलिए उन्होंने माँ बनाई

– मैं जो कुछ भी हूँ या होने की आशा रखता हूँ उसका श्रेय मेरी “माँ” को जाता हैं

– जिस घर में माँ होती हैं, वहाँ सब कुछ सही रहता हैं

– माँ की ममता से बड़ा दुनिया में कुछ भी नही हैं

– इंसान वो हैं जो उसे उसकी माँ ने बनाया हैं

– तूने रूला के रख दिया ए-जिन्दगी, जाकर पूछ मेरी “माँ” से कितने लाडले थे हम…!!!

– कौन कहता हैं कि फ़रिश्ते स्वर्ग में रहते हैं, कभी अपनी “माँ” को गौर से देखा हैं

– जब एक रोटी के चार टुकड़े हो और खाने वाले पाँच…तब मुझे भूख नही हैं ऐसा कहने वाली हैं – “माँ”…

– आपको पता है प्रेम अँधा क्यों होता हैं? क्योकि आपकी माँ ने आपका चेहरा देखने से पहले ही आपसे प्रेम करना शुरू कर दिया था

– जिन्दगी की पहली गुरू “माँ” होती हैं

– मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों सुबह आँख खुली तो देखा कि सर माँ के क़दमों में था…

– थक गया हूँ, मुझे अपने आँचल में छुपा लो…हाथ अपना फेरकर मेरे बालों में एक बार फिसर से बचपन की लोरिया सुना दो…

– मुझे इतनी फुरसत कहाँ कि अपनी तकदीर का लिखा देखूँ, बस माँ की मुस्कुराहट देखकर समझ जाता हूँ कि मेरी तकदीर बुलंद हैं

– जन्नत का हर लम्हा दीदार किया था, गोद में उठाकर जब माँ ने प्यार किया था

– मेरी माँ मेरी चट्टान है

– बच्चे माँ के जीने का सहारा होते हैं

– स्वेटर और कपडे बच्चों द्वारा तब पहने जाते हैं जब माँ को ठण्ड लगती है

– इन्सान की सबसे अच्छी दोस्त उसकी माँ होती है।

– बच्चे बड़े होने पर माँ को भूखा छोड़ सकते हैं लेकिन माँ बच्चों के बूढ़े होने पर भी उन्हें खाना खिलने की हिम्मत रखती है

– घर तो माँ से होता है वर्ना ईंटों का तो सिर्फ मकान होता है

– हर इन्सान का पहला प्यार उसकी माँ ही होती है

– जमाना कहाँ गलतियां माफ़ करता है साहब, वो तो माँ है जो मुस्कुरा कर हर खता भुला देती है

-दुनिया में मशहूर नहीं है तो क्या? मेरी माँ के हाथों का खाना सबसे ज्यादा लजीज होता है

-अगर मेरे अन्दर कोई बुराई है तो उसका जिम्मेदार मैं खुद हूँ और अगर मेरे अन्दर कोई अच्छाई है तो उसकी जिम्मेदार माँ है

– माँ को हमारी समस्याओं से परेशानी हो सकती है हमसे नहीं

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Virendra Kumar Sharma

My name is Virendra Kumar Sharma and I write articles related to share market, I am interested in share market and I have been writing on many topics of finance for a long time.

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